Tuesday, July 14, 2026

 एक एक सांस लड़

मृत्यु से जीता हूँ,

क्या बेंधेंगे विष बाण मुझे?

मैं मृत्यु शय्या से उठा हूँ...


हूँ तनिक नहीं विचलित मैं

जीवन पथ की कठनाइयों से,

क्या विचलित करेंगे ये मुझे?

मैं संघर्षों से प्रेरणा लेता हूँ..


दौड़ता लहु धमनियों में

करता उद्घोष ये!!

समर यह न थमेगा,

मैं योद्धा बन कर आया हूँ...


12.07.26

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