ये किसके अधरों से टपकी
लालिमा नभ में है?
ये किसके कंठ का मधुप
पक्षियों के कलरव में है?
है कौन जिसने पुष्पों पर
बिखेरा अपना नमक है..
ये किसके नयनों की आस
तैरती क्षितिज में है?
ये किसके आँचल के रंगों से
सजी धरा है?
ये कौन झुरमुट में खड़ा
वसुधा पर डाले बांहों का घेरा है?
है किसका ये श्यामल प्रतिबिम्ब?
उकरा श्वेत झील के कोरों पर है..
ये किसकी बांसुरी की तान पे
नाचती भोर है
ये किसकी स्मृति में
खोई पायल राधे की
गुमसुम निहारे चहुँ ओर है..
27.08.26