Monday, February 14, 2022

इकरार..

 तेरी नज़रो में जो झांकता

बेशक वो प्यार था

पर न जाने क्यू तेरे 

लबों पर इनकार था

तेरी तू ही जाने

दिल मे छुपे प्यार को

 माने या न माने

इक़रार न सही तो न सही

इनकार तो नहीं किया तूने

बस यही सोच कर 

तुझसे प्यार किया मैने

खुला ख़त था दिल मेरा

जिस पर लिखा था नाम तेरा

वो जो छिपा रखा था 

दिल मे तूने

ज़रूर लबों तक आएगा

यही सोच इंतज़ार किया मैने

एक  दिन एक खूबसूरत सा

पैगाम दिया तूने

न जाने क्यू अचानक 

तुझ पर मेरी जीत को 

मान लिया तूने

तेरा इक़रार जीत कर

सब कुछ खुशी से हारा मैने

तेरी आँखों मे जो झाँकता था

उसमें एक नया संसार बसाया मैने।

Monday, February 7, 2022

जाना है तो जा...

 तेरा ग़म तेरे साथ गया ओ बेवफा!

न तू रहा न वो ज़ख़्म जो दिए तूने

खरोंचे जो दी स्याह,दिल पर मेरे तूने

उन्हें वक़्त के मरहम से मिटाया हमने  

 मैं वो चांद नहीं कि, 

दाग को जिसकी तक़दीर बनाया तूने

अपने अक्स को करने मुकम्मल

दुनिया भर की रोशनी से खुद को नहलाया हमने

तूने बदली राह अपनी चुने नए रहबर

टूटे दिल के साथ ही सही, ढूंढी अपनी डगर हमने

कौन है तू?क्या तेरा नाम है?मुझे कुछ याद नही,

याद है तो बस वो ख़्वाब, बदली मेरी पहचान जिसने

Friday, February 4, 2022

ऐ प्यार

 ऐ प्यार जब तूने मुझे पलट के देखा पहली बार

जैसे छेड़ दिए किसी ने मन की वीणा के तार

कुछ अनछुए से अहसासों की रागिनी

कुछ अनसुने से सुरो का मल्हार

ऐ प्यार जब ..........

तेरा मुस्कुराना और मेरी नज़रो का झुक जाना 

जैसे वहीं थम के रह गई धड़कनों की रफ्तार

दिल ने बुने नई उम्मीदों के संसार

ऐ प्यार जब ..........

न जाने कैसे तू ज़िंदग़ी में हुआ शुमार

बँधती गई तेरे नाम के बंधन में कई कई बार

खुद को ख़ुद ही से हुआ प्यार

ऐ प्यार......

Monday, January 24, 2022

उधार

 तुम्हारी बांहो के घेरो में घर है मेरा

तुम्हारी सांसो से मेरी सांसो का रिश्ता गहरा

तुम्हारीआंखों में तैरता वो ख्वाब सुनहरा

तुम्हारी धड़कनो पर मेरी धड़कनो का पहरा

तुम्हारी चाहतों पर मेरा हक़ पूरा

तुम्हारे बेपरवाह अंदाज पर फिदा दिल हमारा

गुरुर सा खुद पे जो पाया साथ तुम्हारा

तुम्हारी इक उधारी जो बाकी मुझपर

हज़ार आंसुओ का सबब ज़िन्दगी से भारी मुझपर

साथ ले जाऊँगी ये कर्ज़ तुम्हारा

वसूलना जब मिलूंगी दुबारा

तुम्हारी खुशियों पर कुर्बान ये जहांन सारा





Saturday, January 15, 2022

एक इशारा तो देती

 ए ज़िंदगी तेरे फैसलों को बदलना मेरे इख़्तियार में नहीं

औऱ मुझ पर रहमतों की बारिश तेरे किरदार में नहीं

लंबे फासले तय किये तेरे साथ चलते

तूने जो राहे सजाई उनमें गिरते संभलते

शबनमी अहसासों की मखमली ज़मीन पर

तमाम खूबसूरत रिश्ते बनाये

पर न जाने क्यू तुझे ये रास न आये

बेवक्त बिछड़ना ही अगर मेरा नसीब था

एक हल्का सा इशारा तो देती ज़िंदगी

अफ़सोस के साथ उम्र जाएगी

उम्र भर के रिश्ते ताउम्र निभाने तो देती ज़िन्दगी

एक हल्का सा इशारा तो देती ज़िंदगी